एडवोकेट अंकिता रा. जायसवाल सिविल व क्रिमिनल कोर्ट वरूड. जिल्हा: अमरावती.


दोस्तों 2020 में हम सभी को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा और अभी भी सामना करना पड़ रहा है इस दौरान बहुत से लोगों को अपनी नौकरी भी गवानी पड़ी बहुत से लोग बेरोजगार भी हुये है, लेकिन बहुत जोरों से इस कालावधि में साइबर धोखाधड़ी के भी केसेस में वृद्धि हुई है।
बहुत से मैसेजेस काफी लोगों को ईमेल के जरिए साबर धोखाधड़ी के द्वारा भेजे जा रहे हैं कुछ सोशल मीडिया पर इंस्टेंट लोन ऐसे एडवर्टाइजमेंट भी दिखाई दे रहे हैं उस एडवर्टाइजमेंट को देखकर जो बेरोजगार लोग हैं वह लोन के लालच में इंस्टेंट लोन एप्लीकेशन को डाउनलोड करते हैं। उस ऐप को डाउनलोड करने के बाद इंस्टेंट लोन के लिए खुद की इंफॉर्मेशन पूछने के बाद उस ऐप को परमिशन देते हैं, लेकिन उस ऐप में आधार कार्ड और पैन कार्ड की इंफॉर्मेशन पूछे जाती है उसके बाद इंस्टेंट लोन मंजूर कर दिया जाता है रु 1000 से 25000 तक लोन मंजूर करके बैंक अकाउंट में जमा किया जाता है। लेकिन इंस्टेंट लोन देने के बाद कुछ दिन बाद लोन के हफ्ते भरने के लिए मैसेज और कॉल आते हैं उस वक्त हर दिन 1000 से 1500 रु.तक भरने को बोला जाता है और उसका ब्याज भी काफी गुना होता है,और अब हफ्ते भरे नहीं तो गंदी गालियां और बहुत खराब भाषा में मैसेज आते हैं। हम लीगल डिपार्टमेंट से बोल रहे हैं अगर हफ्ते नहीं भरते तो आप पर लीगल कार्यवाही होगी ऐसे धमकी भरे मैसेज और कॉल भी आते हैं इतना ही नहीं कि पुलिस के नाम से झूठे नोटिस तैयार करके भेजे जाते हैं, इस वजह से बहुत लोगों को साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़ रहा है और बहुत से लोगों को आत्महत्या तक करना पड़ रहा है उस वजह से इंस्टेंट लोन जेसे ऐप ,एप अल्फा कैश, स्वीट कैश, मनीक्लिक, युयू कैश, वि रुपए, जैसे बहुत सारे ऐप आते हैं जिनमें से आप सभी को सावधान रहने का आवाहन मैं करती हूं।


तारक मेहता के लेखक अभिषेक मकवाना ने की आत्महत्या
परिवारजनों का दावा है कि अभिषेक को साइबर धोखाधड़ी के जरिए ब्लैकमेल किया गया जिस वजह से उसे अपनी जान गवानी पड़ी।


जाने-माने लेखक जो कि अभिषेक ने 27 नवंबर को आत्महत्या की उनके घर वालों का आरोप है कि अभिषेक साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए थे,उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था.पुलिस को मिले सुसाइड नोट के जरिए नोट में से यह पाया गया है कि अभिषेक आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक पता चलता है कि अभिषेक के परिवारजनों को उनके दिक्कतों के बारे में पता नहीं था, उनके भाई जेनीस ने बताया कि उनकी मौत के बाद जेनिस को धमकी भरे मैसेजेस और कॉल आ रहे थे, फिर उन्होंने अभिषेक के ईमेल चेक किया तो पता चला कि अभिषेक ने इजी लोन एप्लीकेशन से छोटा सा लोन लिया था उसी लोन के सिलसिले में जेनिस को भारत के अलग-अलग हिस्सों से और बांग्लादेश और म्यांमार से भी कॉल करके पैसे मांग रहे हैं,और जब अभिषेक का मेल चेक किया गया तो उनके ट्रांजैक्शन पर से पता चला कि छोटी छोटी रकम जमा होती गई जिसका व्यास 30% था.
दोस्तों कहने का तात्पर्य यह है कि मैं हमेशा ही आप सभी को मेरे लेख के माध्यम से जागरूक कराती हूं।अभिषेक के साथ जो हुआ वह हम मेसे किसी के साथ ना हो इसलिए इस लेख को पढ़कर आप सब जागरूक रहे साइबर धोखाधड़ी से स्वयं को बचाए यही आप सब से आवाहन करती हूं । मुझसे कांटेक्ट करने के लिए फेसबुक पर लीगल अवेयरनेस टॉक बाय एडवोकेट अंकिता रा.जयसवाल इस पेज पर विजिट करें। आशा करती हूं कि आप सभी को साइबर धोखाधड़ी क्या है और उससे कैसे जागरूक रहें यह बताने में में सफल रही।

Share